लखनऊ/देहरादून: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड के लोगों को कथित तौर पर “घुसपैठिया” कहे जाने के बाद दोनों राज्यों की राजनीति गर्मा गई है। इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे पर सपा के साथ-साथ उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था, “सबसे बड़े घुसपैठिए यूपी में कौन हैं? उत्तराखंड के… तो घुसपैठिए तय करना पड़ेगा।”
अखिलेश यादव का यह बयान सामने आते ही उत्तराखंड में विरोध के स्वर तेज हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बयान पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह देवभूमि की समृद्ध संस्कृति, संघर्ष, पहचान और देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बहादुर सैनिकों का सीधा अपमान है।
सीएम धामी ने याद दिलाया रामपुर तिराहा कांड का इतिहास
अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम धामी ने सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की जनता वह दौर कभी नहीं भूल सकती, जब अलग राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गई थीं। जिनके शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर अत्याचार हुआ, वे आज राज्य के लोगों को ‘घुसपैठिया‘ बता रहे हैं।” धामी ने दो टूक कहा कि अखिलेश यादव को अपने इस अपमानजनक बयान के लिए उत्तराखंड की पूरी जनता से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी का कांग्रेस पर तंज, हरीश रावत ने जताई असहमति
इस पूरे मामले में बीजेपी ने ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के तहत सपा की सहयोगी कांग्रेस को भी कटघरे में खड़ा किया है। सीएम धामी और उत्तराखंड बीजेपी प्रवक्ता विनोद चमोली ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? बीजेपी का आरोप है कि मुलायम सिंह यादव की उत्तराखंड विरोधी मानसिकता आज भी अखिलेश यादव में जीवित है।
दूसरी ओर, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अखिलेश यादव के इस बयान से असहमति जताई है। हालांकि, उन्होंने जनता से बीजेपी के उकसावे में न आने की अपील भी की।
सपा की ओर से आई सफाई
विवाद बढ़ता देख समाजवादी पार्टी ने बयान पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अखिलेश जी का उत्तराखंड से गहरा भावनात्मक रिश्ता है और वे देवभूमि के लोगों का बेहद सम्मान करते हैं। उनका बयान उत्तराखंड की जनता के लिए नहीं, बल्कि केवल एक विशिष्ट व्यक्ति के संदर्भ में था।”
माना जा रहा है कि राजनीतिक दृष्टिकोण से यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिसे बीजेपी चुनावी रैलियों में भी भुनाने की कोशिश करेगी।







