October 19, 2026 4:25 AM

उत्तराखंड की श्रमिक स्वास्थ्य योजना का यूपी ने किया अध्ययन, 60 हजार श्रमिकों को मिल चुका लाभ

देहरादून: उत्तराखंड में निर्माण श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम ने शनिवार को देहरादून पहुंचकर योजना की कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन व्यवस्था का अध्ययन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक करीब 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा चुकी है।

कार्यस्थल पर 44 तरह की निशुल्क जांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में श्रमिक कल्याण योजनाओं का शुभारंभ करते हुए दो चलित चिकित्सा वैन को रवाना किया था। इस पहल के तहत निर्माण श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और आवास के पास ही एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की निशुल्क स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जांच में बीमारी सामने आने पर श्रमिकों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया था।

बिना अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के 60 हजार श्रमिकों की जांच

उत्तर प्रदेश के अपर श्रमायुक्त जुनैद अहमद के नेतृत्व में आई टीम के साथ आयोजित बैठक में उत्तराखंड के श्रमायुक्त एवं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव प्रकाश चंद्र दुम्का ने योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच के साथ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान, चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार के लिए भेजने की व्यवस्था भी की गई है।

श्रमायुक्त के अनुसार, उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं के प्रभावी इस्तेमाल से बिना अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के अब तक लगभग 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और विभिन्न विभागों के समन्वय से योजना को संचालित किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा

उत्तर प्रदेश की टीम ने श्रमिकों के पंजीकरण और सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए आगे भेजने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। बैठक में उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

योजना का उद्देश्य श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के बीच इस अध्ययन को दोनों राज्यों में श्रमिक कल्याण से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के उप श्रमायुक्त विपिन कुमार और वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली भी उपस्थित रहीं।

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