October 17, 2026 4:36 AM

उद्योगों की जरूरत के मुताबिक बनेगा उत्तराखंड का कौशल विकास प्लान, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उद्योगों और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य कौशल विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग और प्रशिक्षण संस्थानों में दिए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के अंतर को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिलों की कौशल विकास योजनाएं जल्द होंगी तैयार

मुख्य सचिव ने सभी जिलों की कौशल विकास योजनाएं जल्द तैयार कर संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में रोजगार की संभावनाओं, उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कौशल की मांग का आकलन किया जाए। जिन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं हैं, लेकिन जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिह्नित कर नए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

उन्होंने उभरते हुए कौशल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और इस संबंध में सेतु आयोग के अध्ययन का उपयोग करने को भी कहा। रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के लक्ष्यों का आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता के मानक होंगे निर्धारित

मुख्य सचिव ने कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। इसके लिए भारतीय उद्योग परिसंघ और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने प्रदेश में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मानक निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षण में एकरूपता लाई जा सके।

उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आकलन करने और उनकी गुणवत्ता की जांच के लिए तीसरे पक्ष से लेखा-परीक्षण कराने को भी कहा।

प्रशिक्षण के साथ रोजगार पर भी रहेगा जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष बनाकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में सचिव सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पांडे, अनुराधा पाल और नरेंद्र सिंह भंडारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारतीय उद्योग संघ, उत्तराखंड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, भारतीय उद्योग परिसंघ के निदेशक गौरव लांबा और बजाज इंजीनियरिंग कौशल प्रशिक्षण केंद्र के डॉ. सचिन शर्मा ने भी बैठक में भाग लिया।

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