September 14, 2026 6:57 PM

कांग्रेस पर CM धामी का तीखा हमला, कहा – उत्तराखंड की जमीन पर नहीं चलेगा कब्जे का खेल

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्रों की आवाज नहीं, बल्कि ‘झूठ की गूंज’ है। उन्होंने कांग्रेस को ‘नाराज फूफा’ बताते हुए कहा कि विपक्ष झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी के शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़ने के कांग्रेस के आरोपों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण और हवन कथित जिहादी नारों के विरोध में किया गया था और इसका जातिवाद से कोई संबंध नहीं था। धामी ने दावा किया कि आयोजन करने वाले लोग अनुसूचित समाज से थे, जिससे कांग्रेस के लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई।

सरकारी जमीन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड का गठन प्रदेश में निवेश बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए किया गया है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था पहले पंजाब और गुजरात में भी बनाई जा चुकी है।

धामी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जमीन बेचने की बात करने वाली कांग्रेस के शासनकाल में जमीनों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन के माध्यम से निवेश आकर्षित किया और नियमों के तहत व्यवस्थाएं बनाई हैं। उत्तराखंड में आ रहे निवेश और युवाओं के लिए पैदा हो रहे रोजगार के अवसर भी कांग्रेस को रास नहीं आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस परेशान है, लेकिन वह सरकार की इस कार्रवाई की सराहना नहीं करती।

बनभूलपुरा में अतिक्रमण के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए धामी ने कहा कि कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जमीन कोई ऐसी हरी घास नहीं है, जहां कोई भी आकर चरकर चला जाए। उन्होंने दोहराया कि सरकार उत्तराखंड की एक-एक इंच जमीन और देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ काम करती रहेगी।