October 24, 2026 12:56 AM

उत्तराखंड: अदाणी से 25 साल तक महंगी बिजली खरीदने पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने BJP सरकार को घेरा

देहरादून: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार के अदाणी पावर से 25 वर्षों तक 1,320 मेगावाट बिजली खरीदने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नदियां, जल और प्राकृतिक संसाधन प्रदेश की जनता की धरोहर हैं, ऐसे में इनका लाभ भी प्रदेशवासियों को मिलना चाहिए।

यशपाल आर्य ने सवाल किया कि जब उत्तराखंड के पास जलविद्युत और अक्षय ऊर्जा की पर्याप्त संभावनाएं हैं, तो सरकार को 25 वर्षों के लिए अदाणी पावर से 5.746 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी।

उन्होंने कहा कि 25 साल का बिजली खरीद समझौता प्रदेश की आने वाली पीढ़ियों पर आर्थिक प्रभाव डालने वाला फैसला है। सरकार को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि इस करार से राज्य पर कुल कितनी वित्तीय देनदारी आएगी और भविष्य में बिजली की दर में बढ़ोतरी या अन्य वित्तीय भार की क्या संभावना है।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि उत्तराखंड की अपनी जलविद्युत क्षमता का पूरा उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है और राज्य को लगातार बाहर से बिजली खरीदने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में 25 वर्षों तक कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता के फैसले पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।

यशपाल आर्य ने सरकार से बिजली खरीद समझौते की शर्तों, कुल वित्तीय लागत, दर में संभावित बदलाव, करार समाप्त करने की शर्तों और राज्य की जलविद्युत व अक्षय ऊर्जा क्षमता के उपयोग की विस्तृत जानकारी जनता के सामने रखने की मांग की।

उन्होंने कहा कि “नदियां हमारी हैं, जल हमारा है, पहाड़ हमारे हैं, तो ऊर्जा नीति का लाभ भी उत्तराखंड की जनता को मिलना चाहिए।” सरकार को प्रदेश की जनता को बताना होगा कि 25 वर्षों तक अदाणी पावर से बिजली खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी और इसकी वास्तविक कीमत जनता को कितनी चुकानी होगी।

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