May 13, 2026 8:50 PM

धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला : ऊर्जा बचत, चकबंदी नीति और होम स्टे नियमों में बदलाव को मंजूरी

देहरादून: पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में ऊर्जा बचत, पर्यटन, चिकित्सा शिक्षा, चकबंदी और पंचायतों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi की ऊर्जा संरक्षण अपील के तहत प्रदेश में ईंधन और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फील्ड दौरों में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। साथ ही सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने का भी फैसला लिया गया है।

मंत्रिमंडल ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए स्वैच्छिक और आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी। इसके तहत प्रत्येक जिले में 10 गांव चयनित किए जाएंगे और चकबंदी समितियों का गठन होगा। आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा 120 दिन तय की गई है।

कैबिनेट ने सगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर “परफ्यूमरी एंड एरोमेटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट” करने का निर्णय लिया। वहीं, राजस्व परिषद में समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी दूर करने के लिए संविदा नियुक्तियों को सचिव स्तर से स्वीकृति देने का फैसला लिया गया। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन और Government Medical College Srinagar में कार्यरत 277 संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने को भी मंजूरी मिली।

इसके अलावा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज Lohaghat के संचालन के लिए प्रधानाचार्य समेत 16 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पद भी सृजित किए जाएंगे।

पर्यटन क्षेत्र में होम स्टे संचालन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब 8 कमरों तक होम स्टे संचालित किए जा सकेंगे और ऑनलाइन शुल्क जमा होने पर लाइसेंस स्वतः नवीनीकृत हो जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में पंचायत भवन निर्माण मद की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करना, लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन, ऊर्जा निगमों में बाहरी विशेषज्ञों को निदेशक बनाए जाने का रास्ता साफ करना और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान मान्यता नियमावली 2026 को मंजूरी देना शामिल है।