देहरादून। नगर निगम की बोर्ड बैठक दूसरे दिन भी हंगामे के बीच जारी रही, जहां भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली। तीखी बहस के चलते सभी प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी और कुल 65 प्रस्तावों में से केवल 26 पर ही निर्णय लिया जा सका, जबकि बाकी प्रस्तावों पर चर्चा अब अगले दिन होगी।
बैठक में सबसे अहम फैसला शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर सख्ती को लेकर लिया गया। तय किया गया कि अवैध निर्माण या अतिक्रमण की स्थिति में नगर निगम एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी करेगा और एक महीने के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही बैठक में 715 पदों पर भर्ती को भी मंजूरी दी गई है। इन भर्तियों के जरिए सफाई व्यवस्था, जल निकासी और अन्य नागरिक सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान पार्षदों ने शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण पर चिंता जताई। उनका कहना था कि निगम की कार्रवाई के बावजूद कुछ ही समय में दोबारा अतिक्रमण हो जाता है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस पर ठोस और स्थायी नीति बनाने की मांग उठी।
सिंगल यूज प्लास्टिक के मुद्दे पर भी पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों को घेरा। आरोप लगाया गया कि छोटे व्यापारियों पर तो कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े थोक विक्रेताओं पर सख्ती नहीं दिखाई जाती।
वहीं, बल्लूपुर फ्लाईओवर के नीचे शौचालय निर्माण में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई। फिलहाल वहां अस्थायी राहत के तौर पर मोबाइल टॉयलेट लगाने का निर्णय लिया गया है।
नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसलों से शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। साथ ही अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई से शहर में व्यवस्था बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा।



