देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को देहरादून स्थित आपदा प्रबंधन केंद्र में टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्णा एस वत्स, सचिव मनीष भारद्वाज, एडवाइजर ऑपरेशन लेफ्टिनेंट कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
जिलों में शुक्रवार को होगी मॉक ड्रिल
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि टेबल टॉप अभ्यास के बाद शुक्रवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एनडीएमए के सहयोग से यह अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान आने वाली हर संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।
SDRF और NDRF की होगी तैनाती
चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही 24 घंटे संचालित होने वाला आपदा कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
रूट मॉनिटरिंग और जोखिम आकलन पर जोर
एनडीएमए के सदस्य कृष्णा वत्स ने चारधाम यात्रा को राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए यात्रा मार्गों पर बहुआयामी जोखिम आकलन की आवश्यकता बताई। उन्होंने रूट स्पेसिफिक मॉनिटरिंग, माइक्रो लेवल रिस्क असेसमेंट और संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों तक समय पर अलर्ट पहुंचाने और इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग अपनाने पर भी जोर दिया गया।
ट्रैफिक, स्वास्थ्य और संचार व्यवस्था होगी मजबूत
अभ्यास के दौरान क्राउड और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और सुदृढ़ करने, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाने और हेली सेवाओं में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर संचार व्यवस्था के लिए “कम्युनिकेशन ऑन व्हील्स” तकनीक के उपयोग और छोटे शहरों में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
यात्रियों के लिए सचेत ऐप जरूरी
एनडीएमए के सचिव मनीष भारद्वाज ने कहा कि उत्तराखंड ने चारधाम यात्रा के प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित किया है। उन्होंने “जीरो मोर्टेलिटी” के लक्ष्य के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए यात्रियों के मोबाइल में सचेत ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए, ताकि समय पर चेतावनी और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।




