March 11, 2026 9:14 PM

गैरसैंण विधानसभा को वेडिंग-कार्पोरेट डेस्टिनेशन बनाने के बयान पर बवाल, कांग्रेस ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

गैरसैंण: उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा भराड़ीसैंण स्थित गैरसैंण विधानसभा भवन को वेडिंग और कॉरपोरेट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने संबंधी बयान के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जब विधानसभा सत्र चल रहा हो तो इस तरह का नीतिगत बयान सदन के भीतर दिया जाना चाहिए था, लेकिन पर्यटन मंत्री ने यह बयान सदन के बाहर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं और मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस ने जताई नाराजगी

गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गैरसैंण को राजधानी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन और अन्य निर्माण कार्य किए गए थे। आज राज्य के अनेक लोग गैरसैंण को स्थायी राजधानी के रूप में देखने का सपना देख रहे हैं, ऐसे में पर्यटन मंत्री का यह बयान लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह केवल पर्यटन मंत्री की व्यक्तिगत राय है या फिर इसके पीछे सरकार की कोई योजना है। उन्होंने सभी विधायकों से भी अपील की कि वे सदन के भीतर मुख्यमंत्री से इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगें।

सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद सतपाल महाराज के विचार बदल गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं सरकार गुपचुप तरीके से गैरसैंण से जुड़े किसी नए निर्णय की तैयारी तो नहीं कर रही है।

उन्होंने मसूरी स्थित सर जॉर्ज एवरेस्ट संपत्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार पहले भी सरकारी संपत्तियों को निजी संस्थाओं को सौंपने के आरोपों से घिरी रही है। ऐसे में गैरसैंण विधानसभा भवन को लेकर दिया गया बयान गंभीर सवाल खड़े करता है।

नेता प्रतिपक्ष ने भी जताई आपत्ति

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने भी पर्यटन मंत्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण विधानसभा भवन को शादी-बारात या कॉरपोरेट कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव बेहद निंदनीय है।

यशपाल आर्या ने कहा कि गैरसैंण केवल एक भवन नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन, संघर्ष और जनता की भावनाओं का प्रतीक है। जिस स्थान को लोकतंत्र के मंदिर के रूप में स्थापित किया गया है, उसे व्यावसायिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की बात करना राज्य की अस्मिता का अपमान है।

सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब

कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सरकार इस विषय पर तुरंत स्पष्ट करे कि क्या वास्तव में विधानसभा जैसे संस्थान को पर्यटन और व्यावसायिक आयोजनों के लिए उपयोग करने की कोई योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहती है।

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