March 10, 2026 6:43 PM

भराड़ीसैंण विधानसभा में 70 से अधिक पेंटिंग्स में झलकी देवभूमि की समृद्ध परंपरा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों ने किया अवलोकन

गैरसैंण: Bhararisain Vidhan Sabha Bhawan में उत्तराखंड की संस्कृति और लोककला को प्रदर्शित करती एक विशेष पेंटिंग गैलरी तैयार की गई है। इस गैलरी में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती 70 से अधिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं, जो इन दिनों विधानसभा परिसर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस गैलरी का अवलोकन Gurmit Singh, Pushkar Singh Dhami, Ritu Khanduri Bhushan समेत राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

चित्रों में दिखी उत्तराखंड की लोकसंस्कृति

गैलरी में प्रदर्शित पेंटिंग्स के माध्यम से उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और लोककलाओं को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। इन चित्रों में Nanda Raj Jaat Yatra, Ramman Festival के पारंपरिक मुखौटे, Chholiya Dance, Aipan Art, पारंपरिक आभूषण और लोक वाद्य यंत्रों को दर्शाया गया है।

इन पेंटिंग्स के जरिए उत्तराखंड के लोकजीवन, संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है, जिससे आने वाले लोगों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिल रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से बनी गैलरी

विधानसभा अध्यक्ष Ritu Khanduri Bhushan के विशेष प्रयासों से इस पेंटिंग गैलरी का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की असली पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है। यदि संस्कृति को संरक्षित रखा जाए तो समाज की जड़ें मजबूत बनी रहती हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से लगातार उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। देश के बड़े व्यक्तित्वों को भी ऐपन कला से निर्मित शॉल, रम्माण के मुखौटे और पहाड़ी उत्पाद भेंट कर राज्य की संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है।

स्थानीय कलाकारों ने बनाई पेंटिंग्स

इस गैलरी में प्रदर्शित सभी पेंटिंग्स प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों मुकुल बडोनी, ज्योति जोशी और मोहनलाल द्वारा तैयार की गई हैं। इन कलाकारों की कलाकृतियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोककला को नया मंच मिला है।

विधानसभा परिसर में सजी यह पेंटिंग गैलरी न केवल जनप्रतिनिधियों बल्कि वहां आने वाले अन्य लोगों के लिए भी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और समझने का अवसर प्रदान कर रही है।

Related Posts