लखनऊ: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सूप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यूपी सरकार फटकार लगाते हुए कहा कि वह राज्य द्वारा मामले की जांच के लिए उठाए कदम से संतुष्ट नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराना भी समस्या का हल नहीं है और इसका कारण सभी जानते हैं। साथ ही कोर्ट ने यूपी सरकार को एक वैकल्पिक एजेंसी के बारे में बताने को कहा जिससे मामले की जांच कराई जा सके। कोर्ट ने यूपी सरकार से अपने डीजीपी को ये सुनिश्चित करने को कहा कि जब तक कोई दूसरी एंजेसी मामले की जांच अपने हाथ में नहीं लेती है, सबूत सुरक्षित रखे जाए।
Lakhimpur Kheri violence case | Supreme Court says it is a brutal murder of eight persons and the law must take its course against all accused.
Court further says that it hopes that the UP government will take necessary steps due to the sensitivity of the issue. pic.twitter.com/5jXaEOaYS8
— ANI (@ANI) October 8, 2021
‘आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया?’
कोर्ट ने मामले में जिन आरोपियों के खिलाफ एआईआर दर्ज की गई है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर भी यूपी सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने पूछा कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने को लेकर कहा, ‘आप क्या संदेश दे रहे हैं।’
सूप्रीम कोर्ट ने पूछा- ‘क्या आप देश में हत्या के अन्य मामलों में भी आरोपियों के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं?’
कोर्ट ने यूपी सरकार को मामले में तेजी से कार्रवाई करने की नसीहत देते हुए कहा कि मामले की सुनवाई अब दशहरा की छुट्टी के तुरंत बाद की जाएगी।
इससे पहले यूपी सरकार ने कोर्ट के गुरुवार के आदेश के अनुसार मामले में स्टेटस रिपोर्ट फाइल कर दी है। मामले में यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया है कि मुख्य आरोपी को पेश होने का नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगर आरोपी पेश नहीं हुआ तो कानून अपना काम करेगा।

बता दें कि कोर्ट ने गुरुवार को मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार से एक दिन में मामले की जांच संबंधी स्टेटस रिपोर्ट बताने को कहा था। इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे तथा मामले के मुख्य आरोपी आशीष को शुक्रवार को पूछताछ के लिए समन भेज दिया था। आशीष को पुलिस ने शुक्रवार सुबह 10 बजे तलब किया था। हालांकि वे नहीं पहुंचे।
रविवार को हुई हिंसा की इस घटना में किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। घटना लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में हुई थी। आरोप हैं कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को वाहन से टक्कर मारी गयी थी। किसानों ने दावा किया था कि आशीष मिश्रा काफिले के किसी वाहन में सवार थे। हालांकि, आशीष और उनके पिता अजय मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया था।







