देहरादून। शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत सभी कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस स्थलों से होने वाले प्रदूषण, खुले में कूड़ा जलाने समेत अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नियमित निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और लगातार निगरानी पर भी ध्यान देना होगा।
बैठक में नगर निगम की ओर से वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। इनमें वैक्यूम आधारित मशीनों से सड़क सफाई, धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्रों का विस्तार, पौधारोपण और गीले-सूखे कचरे को अलग करने को लेकर जागरूकता अभियान शामिल हैं।
जनभागीदारी पर भी जोर
नगर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ देहरादून के लिए आमजन की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को जन-जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही शहरवासियों से खुले में कूड़ा नहीं जलाने, कचरे को अलग-अलग रखने, निर्माण सामग्री को खुले में न फैलाने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छ देहरादून, हरित देहरादून’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।







