August 30, 2025 3:53 PM

उत्तराखंड में विपक्ष का हंगामा क्यों है बरपा ?

देहरादून: उत्तराखंड में इस वक्त जितनी चर्चाएं पहाड़ों में आ रही आपदाओं को लेकर हो रही है, उससे कई ज्यादा चर्चा बीते कुछ दिनों से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर हो रही है. कानून व्यवस्था को लेकर सड़क से लेकर विधानसभा तक हंगामा मचा. आलम ये रहा कि सदन को डेढ़ दिन में ही खत्म करना पड़ा. विपक्ष का हंगामा तो अब तक बढ़ते अपराधों को लेकर हो ही रहा था. इस बीच बीजेपी सरकार के अपनों ने भी आपराधिक घटनाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए. आज कांग्रेस जिस वक्त उत्तराखंड में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर राजभवन का घेराव करने जा रही थी, ठीक उसी वक्त हरिद्वार में एक कांग्रेसी नेता के घर दिनदहाड़े कुछ नकाबपोश लोगों ने डकैती कर डाली.

रोजाना कोई ना कोई अपराध आ रहा सामने: उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने हंगामा मचाया हुआ है. विपक्ष आरोप लगा रहा है कि उत्तराखंड में महिला अपराध तो बढ़ ही रहे थे, लेकिन अब हत्या, लूट, डकैती और अपहरण जैसे मामले भी आए दिन सामने आने लगे हैं. विपक्ष का ध्यान अपराध को लेकर सबसे ज्यादा तब आया, जब पंचायती चुनाव के दौरान उधम सिंह नगर से लेकर बाकी जिलों में आपराधिक घटनाएं सामने आई. जिसे लेकर इतना हल्ला हुआ कि मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा.

बीजेपी और कांग्रेस नेता से लेकर आम जनता के साथ अपराध: उत्तराखंड के नैनीताल में तो कैमरे के सामने नेताओं का कथित अपहरण की घटना, फिर उसके बाद अपहृत लोगों का सामने आकर घटना से इनकार करना, पूरे देश के लोगों ने देखा. इतना ही नहीं पंचायत चुनाव में खुलेआम दिनदहाड़े फायरिंग का मामला हो या नैनीताल में बीते दिनों भीड़ का उपद्रव करना. कई ऐसे मामले हैं, जो तस्दीक करता है कि कुमाऊं में किस तरह से कानून व्यवस्था पटरी से उतर रही है.

हाल में ही पौड़ी में एक बीजेपी नेता के टॉर्चर से परेशान होकर एक युवक के आत्महत्या का मामला हो या फिर पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता तीरथ सिंह रावत के भांजे की ओर से पैसों की लेनदेन में ठगी का शिकार होने की शिकायत को लेकर अपना दर्द बयां करना हो, इन सभी मामलों को लेकर कांग्रेस मुखर है.

इसके अलावा काशीपुर दिनदहाड़े पूर्व ग्राम प्रधान को गोलियां मारी गई. इतना ही नहीं एक छात्र ने थप्पड़ के बदले अपने ही टीचर को तमंचे को गोली मार दी. इधर, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बिगड़ैल छात्रों ने हॉस्टल में फायरिंग कर दी. इस तरह की घटनाएं आम तौर पर उत्तराखंड में कम ही देखने को मिलती थी, लेकिन अब काफी बढ़ गई हैं. चोरी आदि की छोटी घटनाएं तो आम हैं. यही वजह है कि कांग्रेस मुद्दे को भुना रही है.

सत्र से लेकर सड़क तक अपराध को लेकर हंगामा: उत्तराखंड में चारों तरफ आपदा से हाहाकार है, लेकिन विपक्ष ने देहरादून से दूर गैरसैंण में सत्र के दौरान आपदा नहीं बल्कि, अपराध को लेकर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की. जिससे चार दिन के विधानसभा सत्र को डेढ़ दिन में ही समेट कर सभी विधायकों और पूरी सरकार को वापस देहरादून आना पड़ा.

विधानसभा में सदन के भीतर विपक्ष ने अपराध के मामले में न केवल कागज फाड़े, बल्कि अपराध पर चर्चा करने की जिद पर अड़े विपक्षी नेताओं ने रात भी विधानसभा के अंदर ही बिताई. कांग्रेस नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों को लेकर कहा कि राज्य सरकार अपराधों को लेकर शुरू से ही शांत रही है. यही कारण है कि रोजाना तमाम जिलों में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो राज्य में आज तक नहीं हुई.

कई दिनों से आग बबूला है विपक्ष: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने 10 दिन पहले राजभवन में राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगते हुए राजभवन कूच किया था. आज भी कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ वे राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे, लेकिन उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया.

उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और इसको लेकर वो राज्यपाल से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें राज्यपाल से मिलने नहीं दिया गया. उनके रास्ते में पुलिस बैरिकेड लगाकर खड़ी हो जाती है. जबकि, राज्य में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. अच्छा होता, जो पुलिस विपक्ष को इस तरह से रोक रही है, वो अपराधों को रोकने के लिए इतनी सक्रियता दिखाती.”

करन माहरा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड में अलग-अलग जगह पर अपराध की घटनाएं हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन इसको रोकने में नाकामयाब है. उनका कहना है कि प्रदेश में अपराधों को लेकर पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

त्रिवेंद्र रावत ने भी किया कटाक्ष: ऐसा नहीं है कि सिर्फ कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर या पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कांग्रेस ही हल्ला बोल रही है, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से मौजूदा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि राज्य में लगातार अपराधी जिस तरह के अपराध कर रहे हैं, उससे पुलिस प्रशासन को सबक लेना चाहिए.

पुलिस को वो काम करने चाहिए, जो पुलिस के लिए बनाए गए हैं. अगर कहीं पर अपराध हो रहा है तो पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. त्रिवेंद्र रावत ने कहा है कि सरकार को आपराधिक मामलों की समीक्षा करनी चाहिए. जिसमें ये देखना होगा कि आखिरकार राज्य में कौन लोग हैं, जो इस तरह से अपराध करके उत्तराखंड की शांत फिजा को बिगाड़ रहे हैं.

इधर कांग्रेस का अपराध पर हल्ला बोल, उधर हो गई डकैती: हैरानी की बात ये है कि आज यानी 26 अगस्त के दिन जब कांग्रेस उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राजभवन कूच कर रही थी, ठीक उसी वक्त हरिद्वार के सबसे पॉश इलाकों में से एक शिवालिक नगर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के घर कुछ नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोल दिया. जहां तीन बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया और गैराज में खड़ी गाड़ी उड़ा ले गए.

इसके अलावा घर में रखे सोने चांदी के आभूषण और कुछ नगदी पर भी हाथ साफ कर दिया. डकैती के वक्त कारोबारी और कांग्रेसी नेता गुलबीर सिंह की बेटी घर पर मौजूद थी. परिवार इसी बात से संतुष्ट है कि अपराधियों ने परिवार के किसी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. घटना के बाद हरिद्वार पुलिस ने इस मामले पर अलग-अलग टीम में बनाकर अपराधियों की धर पकड़ शुरू कर दी है.

कुछ मामले में कार्रवाई तो कुछ में अभी भी हाथ खाली: उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों की घटनाओं में पुलिस ने कुछ मामलों का खुलासा कर दिया है. जिसमें नैनीताल में चुनाव के दौरान गोली कांड के आरोपियों को पुलिस उत्तर प्रदेश से पकड़ कर लाई तो वहीं पौड़ी में बीजेपी नेता को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. ऐसे ही कुछ मामलों में जहां पुलिस की कार्रवाई अभी भी चल रही है तो कहीं अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं.

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