देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बाजारों में इन दिनों इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है। हालात यह हैं कि कई इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में इंडक्शन पूरी तरह आउट ऑफ स्टॉक हो चुके हैं, जबकि जहां उपलब्ध हैं वहां भी सीमित संख्या में ही बचे हैं। बढ़ती मांग के कारण इनकी कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर लोगों में गैस सप्लाई प्रभावित होने का डर है। इसी आशंका के चलते लोग अभी से कुकिंग के वैकल्पिक साधन के रूप में इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे खरीदने में जुट गए हैं।
दुकानों में खत्म हो रहा स्टॉक
देहरादून के कई बाजारों में दुकानदारों का कहना है कि सामान्य दिनों में इंडक्शन की मांग सीमित रहती थी, इसलिए वे कम स्टॉक रखते थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों में मांग अचानक दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। कई दुकानों में आए नए इंडक्शन का स्टॉक एक ही दिन में खत्म हो गया।
दुकानदार अभिषेक शर्मा ने बताया कि कंपनी से आया इंडक्शन का एक पूरा लॉट कुछ ही घंटों में बिक गया। उन्होंने कहा कि ग्राहक बड़ी संख्या में इंडक्शन खरीदने आ रहे हैं, इसलिए कंपनी को नया ऑर्डर भेजा गया है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बढ़े दाम
बढ़ती मांग का असर ऑनलाइन बाजार में भी दिखाई दे रहा है। पहले जो इंडक्शन 1500 से 2000 रुपये के बीच मिल रहे थे, वही अब कई प्लेटफॉर्म पर 2000 से 3000 रुपये तक पहुंच गए हैं। कंपनियों ने भी ऑफर और स्कीम में बदलाव करना शुरू कर दिया है।
लोगों में कोरोना काल जैसी आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति काफी हद तक कोरोना काल जैसी मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया को दर्शाती है। उस समय भी लोगों ने दवाइयों, मास्क और अन्य जरूरी वस्तुओं का बड़े पैमाने पर स्टॉक करना शुरू कर दिया था।
मनोचिकित्सक डॉ. मुकुल शर्मा के अनुसार, लोगों के मन में यह डर है कि अगर भविष्य में गैस की कमी हो गई तो खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से लोग अभी से बैकअप के तौर पर इंडक्शन खरीद रहे हैं।
गैस की कमी नहीं, फिर भी बढ़ा डर ?
हालांकि अधिकारियों और बाजार से मिली जानकारी के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसके बावजूद लोग भविष्य की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहते हैं।
ग्राहकों का कहना है कि वे एहतियात के तौर पर इंडक्शन खरीद रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर गैस के साथ-साथ इलेक्ट्रिक विकल्प भी उपलब्ध रहे। यही कारण है कि बाजारों में इंडक्शन की मांग अचानक बढ़ गई है।







