देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मुख्यमंत्री को गणना प्रपत्र सौंपा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और अभियान को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के माध्यम से वास्तविक और पात्र मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का राज्य से वैधानिक संबंध नहीं है या जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र नहीं हैं, उनके नाम नियमानुसार सूची से बाहर किए जाएंगे। साथ ही मृत व्यक्तियों अथवा अन्य कारणों से अप्रासंगिक हो चुकी प्रविष्टियों को भी हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार इस अभियान के लिए राज्यभर में 11,733 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती की गई है। ये अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं और जानकारी को डिजिटल माध्यम से अपडेट करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में बढ़ रहे धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, आदि कैलाश, जागेश्वर, पूर्णागिरि और कैंची धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार आगामी कांवड़ यात्रा और अगले वर्ष प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।







