March 12, 2026 11:54 AM

कुंभ 2027 की तैयारी तेज: गंगा की स्वच्छता और सीवर प्रबंधन पर मंथन, विशेषज्ञों संग मेला प्रशासन की बैठक

हरिद्वार : धर्मनगरी Haridwar में प्रस्तावित Kumbh Mela 2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने गंगा की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखने के लिए रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मेलाधिकारी Sonika की पहल पर National Mission for Clean Ganga के विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को कुंभ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की।

बैठक में कचरा प्रबंधन, सीवर निकासी और सैनिटेशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों की टीम ने नई तकनीकों, विभिन्न अध्ययनों और Prayagraj Kumbh Mela के अनुभवों को भी मेला प्रशासन के साथ साझा किया।

कई प्रमुख क्षेत्रों का किया निरीक्षण

एनएमसीजी की टीम ने मेला प्रशासन, नगर निगम और पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ Har Ki Pauri, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, कनखल, नीलधारा और गौरीशंकर सहित कई क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान आगामी कुंभ मेले के दौरान इन क्षेत्रों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन की उपलब्ध सुविधाओं तथा प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की गई।

गंगा की निर्मलता सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान Ganga River को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए कूड़ा और सीवरेज प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था करना मेला प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने बताया कि मेले के दौरान पर्याप्त और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

वैज्ञानिक और टिकाऊ व्यवस्था पर जोर

बैठक में मेले के दौरान कचरा संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण, अस्थायी शौचालयों की स्थापना, सीवरेज व सेप्टेज प्रबंधन तथा घाटों की नियमित सफाई जैसे विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।

अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कुंभ मेले के दौरान गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। इसके लिए उपलब्ध आंकड़ों और मुख्य स्नान पर्वों पर संभावित श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए साझा रणनीति तैयार की जाएगी।

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