देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने धर्म नगरी प्रयागराज में ज्योतिर्मठ पीठ के जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द के साथ किये गये दुर्व्यवहार की कडे शब्दों में निन्दा की है. कांग्रेस ने इस घटना का विरोध प्रकट करने का फैसला लिया है. शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार के विरोध मे कांग्रेस पार्टी ने 24 और 25 जनवरी को मंदिर प्रांगणों पर उपवास रखने का निर्णय लिया है.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार है, जिसकी कठोर शब्दों में निन्दा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा संत समाज हमेशा से देश को दिशा देने का कार्य करता आया है. उनके प्रति सम्मान रखना प्रत्येक सरकार और समाज की जिम्मेदारी है.
गणेश गोदियाल ने कहा दुख की बात है कि आज उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो राज्य एवं देश की छवि को कलंकित कर रही है. यह भाजपा सरकारों की प्रशासनिक असंवेदनशीलता और अहंकार का परिणाम है कि देश में सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर बैठे पूज्य संतों को भी अपमानित होना पड़ रहा है. कांग्रेस सभी धर्मों, संत समाज के सम्मान के साथ-साथ सनातन धर्म की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
पार्टी के निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्रवान पर दिनांक 24 एवं 25 जनवरी को प्रदेशभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के मन्दिर प्रांगणों में 2 घंटे का मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा प्रदेशभर के कांग्रेसजन सभी विधानसभा क्षेत्रों में इन दो दिनों में मन्दिर प्रांगणों पर 2 घंटे का मौन उपवास रखते हुए जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे.





