August 11, 2026 2:30 PM

IMA देहरादून में रचा गया इतिहास: पहली बार 9 महिला सैन्य अधिकारी बनीं भारतीय सेना का हिस्सा, राष्ट्रपति मुर्मू ने ली सलामी

देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून की पासिंग आउट परेड (POP) में शनिवार को इतिहास रच दिया गया। पहली बार अकादमी से प्रशिक्षित 9 महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में कुल 515 कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।

पहली बार महिला कैडेट्स को मिला IMA से कमीशन

आईएमए के इतिहास में यह पहला अवसर है जब महिला कैडेट्स को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कमीशन प्रदान किया गया। सैन्य अनुशासन, आत्मविश्वास और जोश से भरपूर कदमताल के बीच नौ महिला अधिकारियों ने भारतीय सेना में अपनी नई पारी की शुरुआत की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने ली परेड की सलामी

सुबह 6:40 बजे शुरू हुई पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में सलामी ली। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आईएमए से पहली बार महिला अधिकारियों का पासआउट होना भारतीय सशस्त्र बलों में बदलती सोच और बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।

16 मित्र देशों के कैडेट्स भी बने अधिकारी

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स शामिल रहे, जिनमें—

  • 481 भारतीय कैडेट्स (9 महिला कैडेट्स सहित)
  • 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स

ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया और अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में शामिल हुए।

पीपिंग सेरेमनी में सजे सितारे

परेड के बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी में नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। इस दौरान परिजनों के चेहरे गर्व और भावुकता से भर उठे और पूरा परिसर देशभक्ति के माहौल में सराबोर नजर आया।

राष्ट्रपति का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दिन पहले ही देहरादून पहुंची थीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति निकेतन में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की।

सैन्य इतिहास में जुड़ा नया अध्याय

यह दूसरी बार है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड की सलामी ली है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इस समारोह में मुख्य अतिथि रह चुकी हैं।

हालांकि, पहली बार आईएमए से 9 महिला सैन्य अधिकारियों का पासआउट होना भारतीय सेना और देश के सैन्य इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है, जो सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और बदलते भारत की नई तस्वीर को दर्शाता है।

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