बिजनौर: समाजवादी पार्टी व्यापार सभा बिजनौर इकाई की ओर से 1 जनवरी से फुटवियर कपड़ों व ईट पर भारत सरकार द्वारा 5 %से बढ़ाकर 12% जीएसटी कर दिया गया है जिसके विरोध में बिजनौर जिला अध्यक्ष मोहम्मद अतहर के नेतृत्व में एक ज्ञापन जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में सदर एसडीएम बिजनौर को सौंपा गया समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय से जिलाधिकारी महोदय की अनुपस्थिति में सदर उप जिलाधिकारी को अवगत कराया कि 1 जनवरी 2022 से जीएसटी दर ना बढ़ाई जाए। जिसका समाजवादी पार्टी व्यापार सभा उत्तर प्रदेश विरोध करती है आपकी सरकार ने नोटबंदी जीएसटी लॉक डाउन से पहले ही व्यापारी बर्बाद हो चुके हैं व्यापारी विरोधी नीतियों से जन्मी परिस्थितियों की वजह से व्यापारी आत्महत्या तक के लिए मजबूर हुए हैं आपकी सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापारी बर्बाद हैं और अपने अस्तित्व के लिए चिंतित है सरकार के इस निर्णय से कपड़े ईट जूते चप्पल से जुड़े हर किस्म के व्यापारी के लिए काल साबित होगा।
इससे महंगाई बढ़ेगी लोग घर बनाने के लिए परेशान हो जाएंगे छोटे एवं मध्य वर्गीय व्यापारी के अलावा किसान छात्र व मजदूर भी भुक्तभोगी होंगे जब से आप की सरकार ने कपड़े ईट एवं फुटवियर पर जीएसटी बढ़ाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है तब से इस क्षेत्र से जुड़े व्यापारियों में भयंकर आक्रोश है कपड़े ईट एवं फुटवियर पर जीएसटी 5% से बढ़ाकर 12% करना भाजपा सरकार की संवेदनशीलता की पराकाष्ठा हैं। कपड़े कंबल पर्दे सुतली नुकीले जाल रस्सी तिरपाल शामियाना जूते हवाई चप्पल ईट इत्यादि सभी सामान महंगे हो जाएंगे व्यापार के लिए परेशान छोटे व मध्यम वर्गीय व्यापारी इससें बर्बाद हो जाएंगे एवं बड़ी ब्रांडेड कंपनियों व विदेशी कंपनियां ही इससे फायदे में रहेंगी क्योंकि छोटे व्यापारी बड़े टैक्स के अनुरूप कपड़े जूते या चप्पल की कीमत तो बढा नहीं पाएंगे और बड़ी कंपनियां इसका फायदा उठाएंगी क्योंकि उनका माजिर्न पहले ही बड़ा होता है और वह इसमें बड़े जीएसटी को भी समायोजित कर लेगी।

वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता फुरकान खान का कहना है कि कपड़े जूते ईटें जैसी वस्तुओं की दरें बढ़ाने से मध्यवर्गीय मजदूर किसान ना तो चप्पल पहन पाएगा ना ही कपड़े जिससे मध्यवर्गीय लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ेगा यदि सरकार ने इन चीजों की जीएसटी 12% घटाकर 5% ना की तो जनता के सामने बड़ा संकट पैदा होगा। क्योंकि पहले नोटबंदी फिर जीएसटी उसके बाद लॉकडाउन की समस्या से जनता पहले ही जुझ रही है। ज्ञापन देने वालों में नफीस अहमद, शाहनवाज अहमद ,मकबूल रिजवी, सरफराज आलम, इसरार अहमद, मोहब्बत अली, महबूब अली, सुमित यादव, सलीम अहमद, इकबाल राजा, शाहरुख अहमद एडवोकेट, खिजार अहमद, शहजाद मलिक, शादाब अहमद, काजिम अली, चौधरी दारा सिंह, संजीव यादव, आदि समाजवादी पार्टी व्यापार सभा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





