देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश के युवाओं के विकास, कौशल उन्नयन और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। सरकार ने शिक्षा, उद्यमिता, कौशल विकास और खेल के क्षेत्र में योजनाओं को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष ध्यान दिया है।
सरकार का मानना है कि युवा शक्ति के सशक्त होने से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। इसी उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा
प्रदेश में देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से कॉलेज परिसरों को नवाचार और उद्यमिता की प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत 300 से अधिक छात्रों ने अपने स्टार्टअप शुरू किए हैं, जबकि कई विद्यार्थियों को प्रारंभिक वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।
इसके साथ ही 1240 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने उद्यमों का औपचारिक पंजीकरण कराया है और उन्हें विपणन व ब्रांडिंग के लिए भी सहायता दी जा रही है। कई विद्यार्थियों ने अपने नवाचारों के लिए पेटेंट आवेदन भी किए हैं।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बजट भाषण में कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना केवल एक योजना नहीं बल्कि युवाओं को नई सोच, तकनीक और जोखिम लेने की क्षमता से जोड़ने वाला अभियान है।
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कई शिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीक आधारित प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। देहरादून, रानीपोखरी, नरेंद्रनगर, श्रीनगर, द्वाराहाट, नैनीताल, काशीपुर और लोहाघाट के पॉलिटेक्निक संस्थानों में हजारों छात्र आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इसके अलावा छात्रों और शिक्षकों को प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन भ्रमण का अवसर भी दिया जा रहा है, ताकि वे नई तकनीकों और नवाचारों से परिचित हो सकें।
सरकार ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत हब और स्पोक मॉडल लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें पॉलिटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, उच्च शिक्षण संस्थान और माध्यमिक विद्यालयों को एकीकृत किया जाएगा।
विज्ञान शिक्षा के लिए लैब ऑन व्हील्स
दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विज्ञान प्रयोगशालाएं पहुंचाने के लिए लैब ऑन व्हील्स योजना संचालित की जा रही है। वर्तमान में प्रत्येक जिले में यह सुविधा उपलब्ध है और इसके विस्तार के लिए बजट में अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को भी मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
युवाओं के लिए प्रमुख बजटीय प्रावधान
- उद्यमिता, कौशल एवं नवाचार योजना के लिए सात करोड़ ग्यारह लाख रुपये
• दून पुस्तकालय एवं अनुसंधान केंद्र के लिए सात करोड़ साठ लाख रुपये
• राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय स्थापना के लिए सात करोड़ रुपये
• शोध एवं विकास कार्य योजना के लिए एक करोड़ रुपये
• विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत छात्रवृत्ति के लिए पंद्रह करोड़ रुपये
• उच्च शिक्षा विभाग के तहत छात्रवृत्ति के लिए पंद्रह करोड़ रुपये
• लैब ऑन व्हील्स योजना के विस्तार के लिए चार करोड़ रुपये
• खेल विभाग के तहत छात्रवृत्ति के लिए तेरह करोड़ पचास लाख रुपये
• मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए साठ करोड़ रुपये
• मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए दस करोड़ रुपये
• पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए बासठ करोड़ उनतीस लाख रुपये
• गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के लिए एक सौ पचपन करोड़ अड़तीस लाख रुपये
• शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान के लिए दस करोड़ रुपये
• मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए दस करोड़ रुपये
• नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के लिए तीन करोड़ चौंतीस लाख रुपये
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।





