देहरादून/गैरसैंण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र के दौरान राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इस बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार की ओर से की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं का उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
तीन नई स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बढ़ती आबादी को देखते हुए धामी सरकार ने बजट में तीन नई स्मार्ट सिटी विकसित करने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य इन शहरों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। इन प्रस्तावित स्मार्ट सिटीज में आधुनिक परिवहन व्यवस्था, डिजिटल संपर्क और सुरक्षित पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा विशेष ध्यान
नई स्मार्ट सिटीज के विकास में केवल आधारभूत ढांचे ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। बेहतर सड़कें, मजबूत बिजली आपूर्ति और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के साथ टिकाऊ विकास को ध्यान में रखकर इन शहरों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
निवेश और रोजगार को मिलेगी गति
सरकार का मानना है कि नई स्मार्ट सिटीज के निर्माण से राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। इससे उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विकास की दौड़ में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है।
गांव और शहर दोनों के विकास पर फोकस
बजट में शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि प्रदेश का संतुलित विकास तभी संभव है जब गांव और शहर दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें। इसी दिशा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।





