February 14, 2026 5:06 AM

16 दिनों में पांच हत्याओं से दहला देहरादून, नेता प्रतिपक्ष ने उठाये प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल, NSUI ने घेरा PHQ

देहरादून/बाजपुर: उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राजधानी देहरादून में बीते 15 दिनों के भीतर हुई पांच हत्याओं पर गहरी चिंता जताते हुए इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। नेता प्रतिपक्ष ने बाजपुर के स्टोन क्रशर संचालक की देहरादून में हथियारबंद बाइक सवारों द्वारा की गई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और शासन-प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। लगातार हो रही जघन्य घटनाएं पुलिस तंत्र की कमजोरी को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि या तो पुलिस पर दबाव है या फिर कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है। अपराधियों में कानून का भय समाप्त होता जा रहा है और खुफिया व निगरानी तंत्र भी कमजोर पड़ चुका है। राजधानी में इतने कम समय में पांच हत्याएं होना किसी भी सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है।

यशपाल आर्य ने सरकार से सभी मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने, पुलिस गश्त व खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा कार्रवाई की जानकारी जनता को पारदर्शी रूप से देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो जनता का सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी सुरक्षित होगी तभी राज्य सुरक्षित होगा। अब बयानबाजी नहीं, ठोस कार्रवाई का समय है।

NSUI ने घेरा PHQ

राजधानी देहरादून में 16 दिनों के अंदर पांच लोगों की हत्याएं हुई. एक के बाद एक हुई इन हत्याओं को लेकर विपक्ष पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहा है. देहरादून में बिगड़ती कानून-व्यवस्थाओं को लेकर आज 13 फरवरी शुक्रवार को NSUI (National Student Union of India) के छात्रों ने पुलिस मुख्यालय का घेरा किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से भी झड़प हुई.

उत्तराखंड में लगातार हो रही हत्याओं के बाद पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रदेश की राजधानी देहरादून में पिछले 16 दिनों में हुई एक के बाद एक 5 हत्याओं के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रदेश में लगातार कमजोर होती कानून व्यवस्था के बाद अब विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहा हैं.

पुलिस मुख्यालय का घेराव: आज सुबह राजपुर रोड़ पर हुए गोलीकांड के बाद जहां एक तरफ़ देहरादून के लोगों में हड़कंप है तो वहीं इन सारी घटनाओं पर अपना विरोध व्यक्त करते हुए NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आज पुलिस मुख्यालय का घेराव किया.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए: इस दौरान NSUI के दर्जनों युवा छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के सामने खड़े होकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और प्रदेश में लगातार लचर होती कानून व्यवस्था पर अपना विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस मुख्यालय पर लगातार उग्र होते इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस कर्मियों द्वारा इस प्रदर्शन को रोका गया और ज़बरन इस प्रदर्शन को बंद करवाया गया है, जिसके बाद NSUI के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खूब धक्का मुक्की भी देखने को मिली.

पुलिस कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया: पुलिस के दो अधिकारियों और सिपाहियों ने इन सभी कार्यकर्ताओं को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर हिरासत में लिया और धरना स्थल से दूर ले गई. प्रदर्शन कर रहे NSUI कार्यकर्ता हिमांशु जिन्हें पुलिस पकड़कर ले गयी उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल लचर हो चुकी है. देहरादून में 1 के बाद 1 हत्याएं हो रही है. खुलेआम दिनदहाड़े शहर के पॉश इलाकों में गोलीकांड हो रहे हैं. इन सारी घटनाओं को लेकर उन्होंने पुलिस मुख्यालय के सामने अपना विरोध व्यक्त किया, लेकिन पुलिस ने उनके प्रदर्शन को कुचलने के प्रयास किया और उन्हें गिरफ्तार किया.

NSUI के एक और छात्र मयंक रावत ने कहा कि प्रदेश में लगातार हत्याएं हो रही है. बाहर लोग यहां आकर शहर के माहौल को अशांत कर रहे हैं, फिर भी पुलिस सोई हुई है. पुलिस को नींद से जगाने के लिए NSUI के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक ढंग से पुलिस मुख्यालय का घेराव कर रहे थे, लेकिन पुलिस को ये नागवार गुज़रा और जबरन उनके प्रदर्शन को कुचला.

एक और NSUI कार्यकर्ता अनुराग कर्णवाल ने बताया कि अब तक इस तरह के घटनाक्रम उत्तर प्रदेश में सुनने में आते थे, लेकिन अब जिस तरह के देहरादून में हत्याएं हो रही है, उससे तो उत्तराखंड भी यूपी की तरह क्राइम सिटी बनता जा रहा है.

अनुराग कर्णवाल का कहना है कि बीते कुछ दिनों में सभी हत्याएं पुलिस मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर हुई है. देहरादून में खुलेआम गोलियां चल रही है. खुलेआम लड़कियों का गला काटा जा रहा है और वो भी घंटाघर, पलटन बाजार, परेड ग्राउंड और राजपुर रोड जैसे पॉश इलाकों में हैं. यही पर लोग सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश के दूरदराज वाले इलाकों में क्या सुरक्षित होंगे?

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