April 9, 2026 2:35 AM

उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला ! राजीव महर्षि ने कहा – प्रदेश में बढ़ रहे अपराध

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और मीडिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख राजीव महर्षि ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं।

राजीव महर्षि ने कहा कि प्रदेश में एक के बाद एक गंभीर अपराध सामने आ रहे हैं, जिससे उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जहां अपने चार साल के कार्यकाल को उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं जमीन पर अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में अपराध के मामलों में आगे था, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि यह देश के बड़े राज्यों से भी तुलना में पीछे नहीं है। महर्षि के अनुसार इससे साफ है कि पुलिस का प्रभाव कमजोर पड़ा है और यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता ने राज्य में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए प्रदेश में 65 नई शराब की दुकानें खोली गई हैं और देर रात तक इनका संचालन अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने हाल में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि दून एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद बाहरी क्षेत्रों से अपराधियों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे अपराध की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।

राजीव महर्षि ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के बाद से प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और पुलिस इन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सफल नहीं हो पाई है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी को उन्होंने बेहद चिंताजनक बताया।

उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने की बजाय अपराध नियंत्रण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पुलिस को पेशेवर ढंग से काम करने के लिए स्वतंत्रता दी जानी चाहिए ताकि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हो सके।

महर्षि ने कहा कि प्रदेश के लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सरकार को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून व्यवस्था में सुधार के लिए शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। 📰

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