मुनिकीरेती / टिहरी: पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि समग्र जीवन पद्धति है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में युवा अक्सर थकान और मानसिक तनाव महसूस करते हैं, ऐसे में योग उनके लिए सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा योग नीति 2025 लागू की गई है और प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्वभर में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सात दिवसीय इस भव्य आयोजन में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक और अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया, आज वही पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का आधार बन चुका है।
उन्होंने कहा कि योग के महत्व को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र संघ में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा था। आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियां, शांत वातावरण और स्वच्छ जलवायु योग साधना के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। आज ऋषिकेश को विश्वभर में “योग की राजधानी” के रूप में पहचान मिल चुकी है और हर वर्ष हजारों साधक यहां योग और ध्यान का अभ्यास करने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही ई‑संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन भी स्थापित किए जा रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के प्रत्येक गांव को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हमारे ऋषि-मुनियों ने योग व तप के बल पर अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। वहीं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग के माध्यम से करोड़ों लोग निरोग जीवन जी रहे हैं।
इस अवसर पर प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और इसे 150 से अधिक योग संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों से आए योग साधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम में नगर पालिका मुनिकीरेती की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, नगर निगम ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, नगर पंचायत तपोवन की अध्यक्ष विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानंद मुनि, महंत रविंद्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों योग साधक उपस्थित रहे।







