
शब-ए-बारात पर तय होती है, इंसान की ज़िन्दगी या मौत? बड़ी फ़ज़ीलत वाली है ये रात, गुनाहों से भी मिलती है निजात…
न्यूज़ डेस्क: इस्लाम में शब-ए-बारात की अहम फजीलत बताई गई है. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, शब-ए-बारात शाबान महीने की 15वीं तारीख को मनाई जाती है.









