August 31, 2025 1:11 AM

11 से 13 सितंबर तक नैनीताल में लगेगा ब्यूरोक्रेट्स का जमावड़ा

देहरादून: राज्य में विभिन्न सेक्टर्स के लिए भविष्य की रणनीति तय होने जा रही हैं. इसके लिए राज्य में दूसरी बार बड़े स्तर पर चिंतन शिविर का आयोजन होने जा रहा है.जिसमें राज्य के तमाम बड़े ब्यूरोक्रेट्स और विषय विशेषज्ञ नए आइडियाज के साथ मंथन करेंगे. तीन दिवसीय इस चिंतन शिविर में Socio economic progress and future goals विषय पर बात होगी.

साल 2022 में पहली बार ब्यूरोक्रेट्स ने चिंतन शिविर के माध्यम से राज्य के लिए नई दिशा तलाशने के प्रयास शुरू किये. इसी प्रैक्टिस को आगे बढ़ते हुए राज्य में एक बार फिर तीन दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन होने जा रहा है. नैनीताल के उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में 11 से 13 सितंबर तक इसका आयोजन किया जाएगा. जिसमें शासन के तमाम IAS अफसरों के साथ जिलाधिकारी भी हिस्सा लेंगे.

इस बार यह चिंतन शिविर Socio economic progress and future goals विषय पर आयोजित होगा. यानी राज्य के आर्थिक विकास के साथ भविष्य में विभिन्न सेक्टर के लिए योजनाओं के लक्ष्य पर शिविर के दौरान बातचीत की जाएगी. इसमें transforming cities: mobility, governance and sustainable living, rural entrepreneurship and reverse migration through primary sector intervention, tourism and wellness youth engagement- scaling and employability, sustainable natural resource management जैसे विषयों पर भविष्य के लिए रोड मैप तैयार किया जाएगा.

चिंतन शिविर में तीन तरह की कार्य योजनाओं या रणनीतियों को तैयार करना होगा. जिसमें अल्पकालीक योजना के तहत अगले 6 महीने की रणनीति, मध्यकालीन के रूप में 6 महीने से 2 साल तक की कार्य योजना और दीर्घकालिक के रूप में 2 साल से 5 साल के रोडमैप को तैयार किया जाएगा. राज्य में पहले ही 2 साल से चिंतन शिविर में ते कार्य योजना के आधार पर काम किया जा रहा है. उत्तराखंड विजन 2047 पर भी दस्तावेज तैयार किया जा रहा है.

चिंतन शिविर के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में तमाम अधिकारी अपना प्रेजेंटेशन दिखाएंगे. प्रस्तुतीकरण पूर्व में ही तय की गई योजनाओं या सेक्टर पर आधारित होंगे। इस दौरान प्रदेश के तमाम आईएएस अधिकारियों के अलावा नीति आयोग के विशेषज्ञों और तमाम दूसरे विशेषज्ञ के साथ ही इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी शामिल रहेंगे.

इस दौरान जिलाधिकारी को भी अल्पकालिक, मध्यकालीन और दीर्घकालिक रूप में कार्य योजना तैयार करने और प्रस्तुतीकरण देने के लिए कहा गया है. खास बात यह है कि चिंतन शिविर के दौरान प्रस्तुतीकरण में सबसे बेहतरीन तीन रोड मैप वाले जनपदों को सम्मानित भी किया जाएगा. यही नहीं थीम आधारित ग्रुप के द्वारा दिए गए दो बेस्ट थीमेटिक प्रस्तुतीकरण को भी सम्मानित किया जाएगा.

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