July 17, 2026 7:22 PM

जेल से रिहा हुए अब्दुल्ला आज़म खान, बोले – वालिद की जान को खतरा, तन्हाई बैरक में बेगुनाह बंद हैं आजम खान…

रामपुरजेल से रिहा होने के बाद जब अब्दुल्ला आज़म रामपुर पहुंचे तो उनका घर सजा हुआ था. घर पर लाइटें लगी थीं. उनका स्वागत करने के लिए चाहने वाले मौजूद थे. अपनों से मिलने के दौरान रामपुर पहुंचते ही अब्दुल्ला आज़म ने एक बड़ा बयान दिया. वह बोले कि जितना ज़ुल्म हो सकता था वह हुआ है. आज भी मेरे वालिद की जान को खतरा है. उनको कुछ हुआ, तो सरकार और जेल प्रशासन ज़िम्मेदार होगा. चित्रकूट जेल में क्या हुआ? यूपी की बाकी जेल में क्या हो रहा ह?

अब्दुल्ला आज़म का आरोप है कि उनके पिता आज़म खान की जान को खतरा है. वह कहते हैं कि सरकार ने उनके इलाज में 9 दिन देरी कराई. क्या कर सकते हैं? वहीं, अब्दुल्ला यह भी कहते हैं कि यह चुनाव आवाम बनाम सरकार होगा. लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन बहुत खराब है.

तन्हाई बैरक में बेगुनाह बंद हैं आजम खान: अब्दुल्ला आजम

अब्दुल्ला आजम का कहना है कि पुलिस बस रामपुर वालों की हड्डियां तोड़ने ओर भैंस-बकरी चोरी में जेल भेजने के लिए है. अब्दुल्ला कहते हैं कि वह 8 बाई 10 की कोठरी जिसमें 2 फिट का टॉइलट था. आज भी वालिद 8 बाई 8 की तन्हाई बैरिक में बेगुनाह बंद हैं. एक ऐसे मुकदमे में, जिसमें 7 लोग एंटीसिपेटरी बेल में बाहर हैं. एक अकेले आज़म खान साहब जेल में हैं.

कोरोना प्रोटोकॉल के नाम पर हुआ शोषण: अब्दुल्ला आजम

अब्दुल्ला आजम ने आरोप लगाया है कि कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर उनके साथ शोषण किया गया है. घरवालों से भी मिलने नहीं देते थे. कमिश्नर साहब ने मना कर दिया होगा. उनका कहना है कि हमारे साथ जितनी ज्यादती हो सकती थी, कर ली गई और जो रह गई है वो भी कर लो. अब्दुल्ला आज़म बोले कि वह जेल से निकले थे, कोई मोहब्बत में लेने आता तो मना नहीं कर सकते थे. लेकिन, कोई काफिला नहीं था. कोविड प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ.

चुनाव आयोग से की यह अपील

अब्दुल्ला आज़म कहते हैं कि इस मंडल में मौजूदा अधिकारियों के होते निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता. चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए. उनका कहना है कि लोग परेशान हैं. बीजेपी से जा रहे लोगों पर अब्दुल्ला आज़म ने कहा कहावत है कि डूबती हुई नाव से सब भागते हैं. बीजेपी ने उनके साथ जो सुलूक किया है, वो दुनिया जानती है.

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