देहरादून। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र से पहले 24 अक्टूबर को देहरादून में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाए जाने पर कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि जब विधानसभा सत्र गैरसैंण में होना है, तो सत्र की कार्यसूची तय करने वाली समिति की बैठक भी वहीं होनी चाहिए।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार एक ओर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय लेती है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा सत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक देहरादून में आयोजित की जा रही है। उन्होंने इसे विरोधाभासी बताते हुए कहा कि इससे गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार के लिए गैरसैंण में सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए गंभीर है, तो वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विधानसभा सत्र केवल दो दिन का रखे जाने पर भी सवाल उठाए। प्रीतम सिंह ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि महज दो दिनों के सत्र में प्रदेश की गंभीर समस्याओं पर सार्थक और विस्तृत चर्चा कैसे हो सकेगी। प्रीतम सिंह ने सरकार से सत्र की अवधि और गैरसैंण में राजधानी से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।







