October 22, 2026 1:13 PM

ग्रीन इंडिया मिशन से रोजगार और आजीविका बढ़ाने पर जोर, 2031 तक की कार्ययोजना की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन के तहत स्थानीय समुदायों की आजीविका बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आरके सुधांशु ने वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन पंचायतों में सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने और आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित करने को भी कहा।

बुधवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन की अगले पांच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के माध्यम से वर्तमान में ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना का संचालन किया जा रहा है। अभिकरण का वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। मिशन के तहत तीन उप-मिशनों में कार्य किया जाना है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।

31.45 करोड़ रुपये की कार्ययोजना केंद्र को भेजी

बैठक में पिछली कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इंडिया मिशन और अन्य योजनाओं के तहत पौधरोपण की सफलता से संबंधित नोडल अधिकारी के सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को भेजे गए हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्रीन इंडिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना केंद्र सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत होने और जारी किए जाने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी वन संरक्षण मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय, विक्रम सिंह यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कुछ अधिकारियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से भी भाग लिया।