October 7, 2026 1:51 PM

CM धामी ने किया SC-ST समुदाय के लोगों से संवाद, CM ने कहा- समावेशी विकास के लिये सरकार प्रतिबद्ध

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों से संवाद किया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतें और समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र और व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद जरूरी है और इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

धामी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समानता, सामाजिक न्याय और समान अवसर का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सहित सभी वंचित और कमजोर वर्गों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट में भी दूरस्थ क्षेत्रों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर समस्याएं समझने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में उन्होंने चकराता, कालसी, जौनसार-बावर, उत्तरकाशी सहित राज्य के कई पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों का दौरा किया है। उनका प्रयास रहा है कि दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा जाए और विकास योजनाओं को जमीनी जरूरतों से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय की संस्कृति उत्तराखंड की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आदि गौरव महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की परंपराओं, लोककला, लोकगीत, हस्तशिल्प और जीवनशैली को मंच देने का काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, बिजली, रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, छात्रवृत्ति योजनाएं और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख उन्होंने किया।

महिलाओं और पारंपरिक शिल्पकारों को बाजार से जोड़ने पर जोर

धामी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को आगे बढ़ा रही हैं। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्पकारों को बाजार, आधुनिक डिजाइन, प्रशिक्षण और बेहतर विपणन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने क्षेत्रों में अन्य पात्र लोगों को भी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों ने सड़क, शिक्षा, रोजगार, पेयजल, आजीविका और अन्य स्थानीय समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित अन्य अधिकारी और विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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