हरिद्वार। जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी देने का मामला सामने आया है। फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से धमकी देने की शिकायत पर सिडकुल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी जेल में बंद एक महिला का पति बताया जा रहा है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि 11 सितंबर की रात करीब 10:47 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। रात में बात करने से इनकार कर सुबह बात करने के लिए कहने के बाद करीब 11:24 बजे व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई समूह से जुड़ा बताया। 12 सितंबर को भी आरोपी ने कई बार फोन किया। कॉल नहीं उठाने पर कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भेजे गए।
शिकायत के अनुसार, संदेशों में जेल में बंद महिला को लेकर भी धमकी दी गई और आरोप लगाया गया कि मुलाकात के दौरान महिला को परेशान किया जा रहा है। इसके साथ ही जेल अधीक्षक और जेल को नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने का आरोप है। आरोपी ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई के साथ रहने का दावा भी किया।
जेल अधीक्षक ने एक फोन कॉल की बातचीत रिकॉर्ड कर ली। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद जेल में निरुद्ध महिला ने फोन करने वाले की पहचान अपने पति हिमांशु चड्ढा के रूप में की। जेल अधीक्षक के अनुसार, हिमांशु नियमित रूप से महिला से मुलाकात करने जेल आता है। ई-प्रिजन रिकॉर्ड की जांच में उसके पूर्व में जेल में निरुद्ध रहने की जानकारी भी सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2017 से 2019 तक जिला कारागार देहरादून में बंद रहा और बाद में केंद्रीय कारागार सितारगंज भेजा गया, जहां से 13 दिसंबर 2022 को रिहा हुआ।
जेल अधीक्षक की ओर से आरोपी हिमांशु चड्ढा पुत्र श्याम लाल चड्ढा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस को धमकी भरे व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और मुलाकात से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध कराए गए हैं।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि जेल में निरुद्ध महिला ने पूर्व में उप जेलर के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उसे चेतावनी देते हुए नियम-कानून का पालन करने की हिदायत दी गई थी। उनके अनुसार, दो दिन पहले महिला का पति उससे मुलाकात करने आया था और इसके बाद से ही वह फोन और संदेशों के माध्यम से धमकी दे रहा है।
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।






