देहरादून। नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है। नेपाल में हुई त्रासदी से सीख लेते हुए ग्लेशियर झीलों, नदियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, नियमित निगरानी और अत्याधुनिक पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त उपकरण और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे की सूचना समय रहते प्रशासन और आमजन तक पहुंचाई जा सके। मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण आपदा के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं। इसमें ग्लेशियर झीलों, नदियों के जलस्तर, संवेदनशील स्थलों, पूर्व चेतावनी प्रणाली, संचार व्यवस्था और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी और बेहतर समन्वय के जरिए संभावित जनहानि को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।





