August 28, 2026 1:09 PM

उत्तराखंड: शिक्षकों के तबादलों पर शासन ने स्थिति की स्पष्ट, हाईकोर्ट के आदेश के बाद रास्ता साफ

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षकों के वार्षिक तबादलों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब दूर हो गई है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद शासन ने शिक्षा विभाग को तबादला प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि अदालत ने मामले में कोई रोक नहीं लगाई है, इसलिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तबादला आदेश जारी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।

शिक्षा सचिव ज्योति यादव की ओर से 27 अगस्त को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 की धारा 17(1)(ख) के तहत प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसमें अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए प्राप्त आवेदन भी शामिल हैं।

दरअसल, जनहित याचिका संख्या 106/2026, जीवन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य मामले में हाईकोर्ट के 24 अगस्त के अंतरिम आदेश के बाद विभाग के सामने यह असमंजस था कि तबादला प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए या नहीं। शिक्षा विभाग ने शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश मांगे थे।

अब शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हाईकोर्ट ने कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया है। ऐसे में अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्धारित समयसीमा में तबादला प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जिन्होंने वार्षिक तबादला प्रक्रिया के तहत आवेदन किया है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से तबादले नहीं हुए हैं और पिछले करीब एक साल से अनुरोध के आधार पर भी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए थे।

हालांकि, मूल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी और अदालत के आगामी आदेश का तबादला प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। फिलहाल शासन के निर्देश के बाद शिक्षकों के वार्षिक तबादलों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

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