August 28, 2026 12:30 PM

वाद्य यंत्रों के साथ कांग्रेस की आक्रोश रैली, एसएसपी कार्यालय का घेराव; हरक सिंह ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप

देहरादून। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 27 अगस्त को परेड ग्राउंड से एसएसपी कार्यालय तक आक्रोश रैली निकाली। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकाली गई इस रैली में कांग्रेस ने प्रदेश प्रवक्ता सूरत सिंह नेगी पर कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने एसएसपी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया था। इसके बावजूद हरक सिंह रावत समेत कुछ कांग्रेस नेता कार्यालय के अंदर पहुंच गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बाहर रोक दिया। बाद में कांग्रेस नेताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप

हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि खनन, भूमि और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों को पुलिस कार्रवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मालदेवता क्षेत्र में स्थानीय विधायक के दबाव में कांग्रेस नेता के खिलाफ पुराने मामलों को आधार बनाकर कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और संबंधित मामलों में उच्च न्यायालय से राहत भी मिली हुई है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है।

पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

हरक सिंह ने कहा कि पुलिस का काम कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करना है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में काम करना। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक दबाव में निर्दोष लोगों को परेशान करना उचित नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रेमनगर क्षेत्र का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भूमि संबंधी मामलों और कथित माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

सवाल उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक अधिकार

कांग्रेस ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना जनता और विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। पार्टी ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राजनीतिक दबाव में कथित पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी केवल अपने कार्यकर्ताओं के मामलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश में जहां भी किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होगा, वहां उसकी आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस बेटियों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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