देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में सेवारत डॉ. अशोक कुमार मिश्र ‘क्षितिज’ को भारत सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन कर्मयोगी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मिश्र ने मिशन कर्मयोगी के तहत 184 प्रमाणपत्र अर्जित कर राज्य में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
डॉ. अशोक कुमार मिश्र प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्य, संगीत और समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे कवि, साहित्यकार और गायक के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत देहरादून के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उनके द्वारा रचित और गाया गया गीत ‘देवभूमि उत्तराखंड मेरी जान है, मेरी वीरभूमि स्वर्ग से महान है’ प्रस्तुत किया गया था। उनकी प्रस्तुति की राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित मौजूद लोगों ने सराहना की थी।
शासकीय दायित्वों की व्यस्तता के बावजूद डॉ. मिश्र सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। वे गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने के साथ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन देते हैं। गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा जैसे अभियानों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है।
वंचित वर्गों के कल्याण के लिए उन्होंने ‘अभ्युदय वात्सल्यम’ नामक स्वयंसेवी संस्था की स्थापना की है। साहित्य के क्षेत्र में उनके पांच कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें ‘फुटपाथ का आदमी’ को विशेष लोकप्रियता मिली है।
डॉ. मिश्र संगीत के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनके भोजपुरी गीत ‘चेहरा गुलाब सा’ और पहाड़ी गीत ‘पहाड़ा तू नी छोड़’ को यूट्यूब पर भी अच्छी लोकप्रियता मिली है।
मिशन कर्मयोगी में 184 प्रमाणपत्र हासिल करने और प्रशासनिक सेवा के साथ साहित्य, संगीत तथा समाजसेवा में सक्रिय योगदान के चलते डॉ. अशोक कुमार मिश्र ‘क्षितिज’ को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित किया जाना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और कर्मठता की पहचान माना जा रहा है।







