August 8, 2026 1:34 PM

साइबर अपराध नियंत्रण में उत्तराखंड पुलिस देश के शीर्ष-5 राज्यों में

देहरादून। प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रगति समीक्षा में उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक के प्रदर्शन के आधार पर उत्तराखंड को देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर उत्तराखंड पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की 6 अगस्त को हुई समीक्षा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का आकलन साइबर अपराध नियंत्रण से जुड़ी विभिन्न राष्ट्रीय पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर किया गया। इसमें राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र, ई-शून्य प्राथमिकी, शिकायत निवारण, साइबर ठगी की धनराशि वापस कराने, सहयोग और समन्वय पोर्टल, सूचना साझा करने, साइबर प्रशिक्षण तथा जनजागरूकता जैसे प्रमुख मानक शामिल रहे।

उत्तराखंड में राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच, तकनीकी सहायता और पीड़ितों की मदद के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। विशेष कार्यबल द्वारा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सहयोग से साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

साइबर ठगी के मामलों में धनराशि सुरक्षित कराने और वापस दिलाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर उन्हें बंद कराने और कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ साइबर अपराध से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी भी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के बीच साइबर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के मार्गदर्शन और उत्तराखंड पुलिस, विशेष कार्यबल तथा संबंधित इकाइयों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल साइबर अपराध पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी के साथ एकमुश्त पासवर्ड, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, व्यक्तिगत पहचान संख्या या कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करें या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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