July 11, 2026 12:14 AM

टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज, मुख्य सचिव ने ली बैठक

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में परियोजना को पर्यावरण अनुकूल, आधुनिक और स्थानीय संस्कृति से जोड़कर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टिहरी लेक परियोजना को ऐसा आकर्षक और सरल नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर आसानी से चढ़ जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की बैठकों में टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक को विशेष आमंत्रित सदस्य तथा टिहरी के जिलाधिकारी को समिति में शामिल किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव ने टिहरी झील परियोजना को अधिकतम ग्रीन एनर्जी आधारित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बनने वाले सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) को भी सौर ऊर्जा से संचालित करने की संभावनाएं तलाशते हुए सोलर प्लांट स्थापित किए जाएं।

उन्होंने टिहरी झील के आसपास चयनित गांवों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और विरासत से जोड़ते हुए ट्रेडिशनल विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इन मॉडल गांवों को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने और पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत विकसित होने वाली सभी परिसंपत्तियों के संचालन और रखरखाव की ठोस व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आय सृजन के स्थायी मॉडल विकसित किए जाएं, ताकि परियोजनाएं दीर्घकाल तक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।

उन्होंने टिहरी झील में नौकायन और जेटी संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर झील की क्षमता का आकलन करने तथा चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ पूरी परियोजना की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में टिहरी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने वाले संग्रहालय की अवधारणा पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि संग्रहालय में पुरानी टिहरी रियासत का इतिहास, लोककला, लोकसंस्कृति तथा डूबे हुए पुराने टिहरी शहर का त्रिआयामी (3डी) मॉडल भी शामिल किया जाए, ताकि पर्यटक क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।