July 11, 2026 12:13 AM

दिल्ली दौरे के दौरान सीएम धामी ने की  रेल मंत्री से मुलाक़ात, मंत्री के सामने रखीं उत्तराखंड की अहम मांगें, रेल सेवाओं के विस्तार पर हुई चर्चा

नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल नेटवर्क के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक पर्यटन और आगामी कुंभ-2027 को देखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रेल मंत्री के समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का प्रमुख राज्य है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, कैंची धाम, जागेश्वर धाम और अन्य धार्मिक स्थलों पर हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में राज्य में आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क विकसित करना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने रखीं ये प्रमुख मांगें

  • मुंबई से देहरादून के बीच वंदे भारत या सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू करने का प्रस्ताव।
  • मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने की मांग।
  • देहरादून-कोटा रेल सेवा का विस्तार सूरत, वड़ोदरा और मुंबई तक किए जाने का अनुरोध।
  • हरिद्वार-मुंबई और रामनगर-मुंबई रेल सेवाओं का नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालन।
  • ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित कर ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना को गति देने का अनुरोध।
  • किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन करने की मांग।
  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर शीघ्र रेल संचालन शुरू करने का आग्रह।
  • हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य जल्द पूरा करने की मांग।
  • हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार का प्रस्ताव।
  • खटीमा-मझोला (पीलीभीत) रेलवे फाटक संख्या-18सी को जनहित में पुनः खोलने का अनुरोध।

बनबसा स्टेशन को मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्पकालिक ठहराव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं सामरिक क्षेत्र है तथा यहां भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट भी तैनात है। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बनबसा स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की।

बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए विभिन्न प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क को नई गति मिलेगी तथा राज्य के लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।