June 30, 2026 2:36 PM

पांच साल पूरे होने पर भाजपा की तैयारी, एनडी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब सीएम धामी, कांग्रेस ने कसा तंज़

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2026 को बतौर मुख्यमंत्री अपने लगातार पांच वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। इसे लेकर भाजपा संगठन और राज्य सरकार विशेष कार्यक्रमों की तैयारी में जुट गए हैं। भाजपा इसे उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करने की रणनीति बना रही है, जबकि कांग्रेस ने इस प्रस्तावित जश्न पर सवाल उठाते हुए सरकार के कामकाज को लेकर निशाना साधा है।

उत्तराखंड गठन के बाद अब तक केवल पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ही अपना पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा कर पाए थे। उन्होंने 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 तक लगातार मुख्यमंत्री रहते हुए 1831 दिनों तक पद संभाला। वहीं, पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अब वह एनडी तिवारी के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच गए हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशभर में सप्ताहभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पार्टी जल्द ही विस्तृत रूपरेखा जारी करेगी। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा।

भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड पार करने पर जिस तरह देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री धामी के पांच साल पूरे होने और नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ने के अवसर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वहीं, कांग्रेस ने भाजपा की इस तैयारी पर तंज कसा है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा को पांच वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के बजाय अपने पूरे शासनकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को भूमि, खनन, पेपर लीक, महिलाओं के खिलाफ अपराध, पलायन और अन्य मुद्दों पर अपनी उपलब्धियां भी जनता के सामने रखनी चाहिए।

भाजपा जहां मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल को राजनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे सरकार की नीतियों और प्रदर्शन पर सवाल उठाने का अवसर मान रही है। ऐसे में जुलाई के पहले सप्ताह में राज्य की राजनीति में इसे लेकर सियासी गतिविधियां तेज रहने के आसार हैं।

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