June 28, 2026 8:16 PM

भाजपा हैट्रिक पर नजर, कांग्रेस सत्ता वापसी की कवायद में; दोनों दलों का फोकस बूथ स्तर के संगठन पर…

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश की सियासत गर्माने लगी है। चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस दस साल बाद सत्ता में वापसी के लिए संगठन को मजबूत करने में जुटी है। दोनों ही दलों ने बूथ स्तर पर संगठन को सशक्त बनाने को अपनी सबसे बड़ी रणनीति बनाया है।

हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड का दौरा कर संगठन की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों में बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। वहीं कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी राज्य का दौरा कर विभिन्न जिलों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर आगामी चुनाव की रणनीति पर मंथन किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन है और चुनाव जीतने की शुरुआत बूथ से होती है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से बूथ प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सभी बूथों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जबकि शक्ति केंद्रों की बैठकें पूरी हो चुकी हैं। इसके साथ ही विधानसभा और जिला स्तर पर कोर कमेटियों का गठन कर उन्हें चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले युवा संवाद, पूर्व सैनिक सम्मेलन, महिला सम्मेलन और ओबीसी समाज के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग तक पार्टी की पहुंच मजबूत हो सके। महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि यदि निर्धारित समय से पहले भी चुनाव होते हैं तो भाजपा पूरी तरह तैयार है और प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाएगी।

वहीं कांग्रेस भी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है। प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कांग्रेस पिछले पांच वर्षों से संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। ब्लॉक स्तर पर पुनर्गठन पूरा हो चुका है और अब बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन किया जा रहा है। प्रत्येक विधानसभा में बूथ अध्यक्ष और बूथ कमेटियां बनाई जा रही हैं, ताकि चुनावी तैयारियों को धार दी जा सके।

धस्माना ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे प्रदेश को चार जोन में विभाजित किया है। इनकी जिम्मेदारी प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, डॉ. हरक सिंह रावत और करण माहरा को सौंपी गई है। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेता हरीश रावत और यशपाल आर्य भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जाकर राज्य सरकार की नीतियों और विफलताओं को मुद्दा बनाएगी तथा कार्यकर्ताओं को एकजुट कर 2027 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन का अभियान चलाएगी।

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