June 9, 2026 2:45 PM

गैरसैंण में जमीन बिक्री पर गरमाई सियासत, हरीश रावत ने कहा – गैरसैंण की आत्मा को खत्म कर रही भाजपा सरकार

गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में कृषि भूमि की बिक्री का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां गैरसैंण के मूल स्वरूप और भविष्य को नुकसान पहुंचा रही हैं।

हरीश रावत ने कहा कि उनकी सरकार ने गैरसैंण के महत्व को देखते हुए यहां भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई थी, ताकि भविष्य में राजधानी और प्रशासनिक विकास के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध रहे। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इस रोक को हटाकर भू-माफियाओं के लिए रास्ते खोल दिए हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी कृषि भूमि बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में विधानसभा निर्माण के साथ ही नए नगर, अधिकारियों के आवास और सचिवालय जैसी परियोजनाओं की योजना बनाई गई थी। इसके लिए करोड़ों रुपये की व्यवस्था की गई थी और गैरसैंण स्थापना एवं विकास निर्माण निगम का गठन भी किया गया था। साथ ही क्षेत्र को अन्य पहाड़ी और मैदानी इलाकों से जोड़ने के लिए टनल जैसी योजनाएं भी प्रस्तावित थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि यदि इसी तरह भूमि की बिक्री जारी रही तो भविष्य में गैरसैंण के योजनाबद्ध विकास के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं रहेगी। उन्होंने सरकार से तत्काल भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की।

इधर, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में कृषि भूमि की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष गैरसैंण मोहन भंडारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते मई माह में सारकोट क्षेत्र में करीब 50 नाली कृषि भूमि बिकने का मामला सामने आया था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस इसे गैरसैंण के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बता रही है, जबकि इस पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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