June 5, 2026 1:17 AM

एक क्लिक में 9.74 लाख लाभार्थियों को मिली पेंशन, सीएम धामी ने खातों में भेजे 176.59 करोड़ रुपये

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रदेश के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में विभिन्न पेंशन योजनाओं की 176.59 करोड़ रुपये की धनराशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति अभियान और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सुशासन की असली पहचान है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ा है। जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों का जीवन बदला है। वहीं मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम स्वनिधि और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जरिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सामाजिक न्याय और अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को साल में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिए जा रहे हैं, जबकि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पलायन रोकथाम योजना और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत वृद्धि हुई है और बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। राज्य का बजट आकार भी एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में देश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं तथा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग को जरूरी बताते हुए आयोगों, परिषदों और समितियों के पदाधिकारियों से जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चंद्र सहित विभिन्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मौजूद रहे।

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