June 2, 2026 11:47 PM

देहरादून की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली योजनाएं बनें जिला प्लान का हिस्सा: DM

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना को जनहित, नवाचार और स्वरोजगार आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। जिला योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों से ऐसी परियोजनाएं प्रस्तावित करने को कहा, जो देहरादून की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाएं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग कम से कम एक अभिनव और स्थायी परियोजना जिला योजना में शामिल करे। साथ ही परियोजना के संभावित परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के चयन में भूमि की उपलब्धता, विवाद रहित स्थिति और समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में उन्होंने अधूरी और लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि पर्याप्त बजट होने के बावजूद योजनाओं का समय पर पूरा न होना गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ब्लूबेरी खेती, ट्राउट मत्स्य उत्पादन, पोल्ट्री फार्मिंग और गन्ना उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी विद्यालय बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। सभी स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने देहरादून के विकास के लिए जिला योजना में करीब 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए और योजनाओं का लाभ इसी वित्तीय वर्ष में जनता तक पहुंचना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देहरादून जनपद को 99.39 करोड़ रुपये का परिव्यय स्वीकृत किया गया है। इसमें 15.93 करोड़ रुपये स्वरोजगार योजनाओं और 36.25 करोड़ रुपये नए एवं अभिनव कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।