देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू-SIR) अभियान के तीसरे चरण की घोषणा कर दी गई है। इसके तहत उत्तराखंड में 29 मई 2026 से SIR प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण और संकलन करेंगे।
राज्य में यह प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
इस संबंध में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन किया जाएगा।
SIR प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम
- 29 मई से 7 जून 2026: गणना प्रपत्र की प्रिंटिंग एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण
- 8 जून से 7 जुलाई 2026: BLO द्वारा घर-घर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन
- 14 जुलाई 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
- 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026: दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
- 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026: दावे और आपत्तियों का निस्तारण
- 15 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
नाम कटने पर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा
14 जुलाई को ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद यदि किसी मतदाता का नाम सूची से छूट जाता है तो वह आपत्ति दर्ज करा सकता है। पहले चरण में धारा 24(A) के तहत जिलाधिकारी कार्यालय में अपील की जा सकेगी। इसके बाद निर्णय से असंतुष्ट होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में द्वितीय अपील का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
मतदाता अपनी जानकारी Voter Portal पर भी चेक कर सकते हैं और एपिक नंबर के जरिए विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन की तैयारी और व्यवस्था
राज्य में लगभग 11,733 बूथ चिन्हित किए गए हैं, जबकि मतदाताओं की संख्या करीब 79.76 लाख बताई गई है। अभियान के दौरान बूथों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई गई है ताकि एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हों।
साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 21,808 बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रशासन ने सभी जिलों में हेल्प डेस्क, टोल फ्री नंबर 1950 और “बुक ए कॉल विद योर बीएलओ” सुविधा भी उपलब्ध कराई है ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना है।






