देहरादून: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि Char Dham Yatra-2026 की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होता है, जब उत्तराखंड के लोग देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 से होगा और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही Garhwal Mandal Vikas Nigam (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के उत्साह को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव मिले। इसके लिए शासन और प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों—के साथ अभी से समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन समय-समय पर चारधाम यात्रा से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाता रहेगा, ताकि वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकें। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियों की जल्द ही समीक्षा स्वयं उनके द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से चारधाम यात्रा-2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।







