March 16, 2026 9:36 PM

23 मई 2026 को खुलेंगे श्री हेमकुंट साहिब के कपाट, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष ने की मुख्य सचिव से मुलाकात

देहरादून: पवित्र सिख तीर्थस्थल गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के कपाट वर्ष 2026 के लिए 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस संबंध में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर आगामी तीर्थयात्रा की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में वर्तमान मौसम परिस्थितियों और बर्फबारी की स्थिति का आकलन करने के बाद यह सहमति बनी कि शनिवार, 23 मई 2026 को श्री हेमकुंट साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

ट्रस्ट राज्य सरकार के समन्वय से इस यात्रा का संचालन करता है और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया में धर्मशालाओं के माध्यम से निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था करता है। हेमकुंट साहिब में भी श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था रहती है, हालांकि अधिक ऊंचाई और सीमित संसाधनों के कारण वहां रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं होती।

बताया गया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में कम बर्फबारी हुई है, जिससे यात्रा को थोड़ा पहले शुरू करना संभव हो पाया है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों का मौसम अक्सर अप्रत्याशित रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने इस वर्ष यात्रा को अपेक्षाकृत पहले शुरू करने का निर्णय लिया है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार चारधाम और श्री हेमकुंट साहिब आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

गौरतलब है कि हिमालय की सुरम्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच लगभग 15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब सिख धर्म का अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है। मान्यता है कि यहां दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह ने ध्यान किया था। हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और यह यात्रा श्रद्धा, एकता और आध्यात्मिक अनुभूति का प्रतीक बन चुकी है।

ट्रस्ट की अपील

हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट ने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा के दौरान सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें और पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर आएं। यात्रा से संबंधित पंजीकरण, सड़क स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी।

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