March 12, 2026 1:35 PM

बजट सत्र में सीएम धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा —विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की मूल पहचान और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए पिछले चार वर्षों में कई सख्त और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं और भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे।

बजट को बताया ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जिन्होंने इस राज्य की नींव रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के कारण राज्य को नई दिशा और गति मिली है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तुत किया गया बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्णकालिक बजट होने के साथ-साथ राज्य के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाला दस्तावेज भी है। इस वर्ष बजट का आकार 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिबिंब है।

राज्य की अर्थव्यवस्था में आई तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य की सकल घरेलू उत्पाद में तेजी से वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य का बजट आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके साथ ही निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से विकास हुआ है।

रोजगार और उद्योगों को मिला बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जबकि स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन, होटल और होमस्टे क्षेत्र में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकलरोधी कानून लागू कर नकल माफिया पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक है। इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

समान नागरिक संहिता और अन्य बड़े फैसले

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इस कानून के माध्यम से महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं और समाज में समानता तथा न्याय की भावना को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं।

आधारभूत ढांचे में तेजी से विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ऋषिकेशकर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना और विभिन्न रोपवे परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।

किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत प्रदेश की लगभग 1 लाख 70 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए धार्मिक, साहसिक, पारिस्थितिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन, शीतकालीन यात्रा, फिल्म पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।

Related Posts