March 5, 2026 9:04 PM

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा, मुख्य सचिव ने जल गुणवत्ता परीक्षण मजबूत करने के दिए निर्देश

देहरादून। राज्य में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए सर्वोच्च समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की, जिसमें मिशन के तहत चल रहे कार्यों, वित्तीय स्थिति और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी के परीक्षण में रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल दोनों प्रकार की जांच अनिवार्य रूप से की जाए तथा परीक्षण की जानकारी संबंधित परियोजनाओं में तिथि सहित सार्वजनिक रूप से दर्ज की जाए।

बैठक में GIS मैपिंग, पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर पाइपलाइन नेटवर्क अपलोड, सुजल गांव आईडी निर्माण, वित्तीय समन्वय और तकनीकी निरीक्षण जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना, सामाजिक अंकेक्षण और तृतीय-पक्ष निरीक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से इन सभी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली सभी रिपोर्ट समय पर तैयार कर प्रस्तुत की जाएं। उन्होंने कहा कि हर घर जल योजना के तहत जिन गांवों में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) की प्रगति दर्शाई गई है, उनका शत-प्रतिशत प्रमाणन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि रिपोर्टिंग और वास्तविक कार्य में कोई अंतर न रहे।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह, रंजन मिश्र, अपर सचिव रोहित मीणा, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रदीप सिंह (राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, भारत सरकार) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।