January 22, 2026 9:02 PM

एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत धामी सरकार 835 लाभार्थियों को देगी लाभ, मंत्री ने कहा – फरवरी में जारी होगा पैसा

देहरादून: उत्तराखंड में रह रही एकल महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से तमाम पहल किया जा रहे हैं. इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने एकल महिला स्वरोजगार योजना की शुरुआत की है. जिसके तहत एकल महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी. पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों को पैसा फरवरी के पहले सप्ताह में जारी कर दी जाएगी. जबकि वर्तमान समय में एकल महिला स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों के नाम की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

दरअसल, सोमवार को सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की. वही, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नंदा गौरा योजना के तहत अब तक 11 जिलों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है. इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राएं और 6021 जन्म लेने वाली बालिकाओं को चिन्हित किया गया है. इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी महीने के पहले सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा, बचे दो जिलों के लाभार्थियों की सूची भी जल्द से जल्द फाइनल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.

रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर दी गई है, इन्हें भी फरवरी महीने के पहले सप्ताह में धनराशि वितरित कर दी जाएगी. इस योजना के तहत बचे हुए दो जिलों की कुल 331 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने की औपचारिकता बाकी है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा. साथ ही बताया कि आंगनबाड़ी कल्याण कोष के जरिए सेवा निवृत होते समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1 अप्रैल से एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. इस राशि को अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है.

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, चिकित्सीय और भावनात्मक संबल देने के उद्देश्य से एक नई योजना तैयार की जा रही है. बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का स्वरूप कैसा होगा, यह तय करने के लिए गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे किया जाए। जरूरतमंदों की रायशुमारी के बाद ही योजना का अंतिम स्वरूप तैयार किया जाएगा.

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