लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में दागी पुलिसवालों को चिह्नित करने का काम तेजी से शुरू हो गया है। हर जिले में ऐसे दागी पुलिसवालों की लिस्ट तैयार हो रही हैृ। ऐसे पुलिसवाले जिनकी आम छवि अच्छी न हो। जिन पर भ्रष्टाचार, अवैध धनउगाही, अपराधियों को संरक्षण और खुद अपराधों में लिप्त रहने के आरोप लगते हों। गौरतलब है कि पिछले दिनों गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर सीएम योगी ने दागी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

30 सितम्बर को दिए अपने आदेश में सीएम योगी ने भ्रष्ट पुलिस अफसरों पर एक्शन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कतिपय पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायतें मिली हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग में ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने आला अधिकारियों से कहा कि प्रमाण के साथ ऐसे लोगों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराएं। सभी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही होगी। अति गंभीर अपराधों में लिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच के बाद बर्खास्तगी भी होगी।
सीएम योगी के इस सख्त निर्देश के बाद गोरखपुर के एडीजी अखिल कुमार ने जोन के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों से अपने जिले के दागी पुलिस कर्मियों की सूची मांगी है। जिलों में यह सूची बनाने का काम तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि सूची में शामिल पुलिसवालों में से कुछ पर कार्रवाई होगी तो कुछ को पब्लिक फेस से दूर यानी थाने से हटा कर साइड पोस्टिंग दी जाएगी। अत्यंत गंभीर आरोप वाले पुलिसकर्मियों के खिालफ जांच कराकर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाएगी।




